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राजा गोपीचन्द भृतहरि ट्रस्ट के बारे में मुझे सभी प्रकार की जानकारी है

राजा गोपीचंद की कहानी एक त्यागी राजा की कथा है, जो अपनी माँ मैनावती और गुरु गोरखनाथ के प्रभाव से सांसारिक मोह-माया छोड़कर योग और वैराग्य का मार्ग अपनाते हैं. गुरु गोरखनाथ के आदेश पर वे अपनी ही पत्नी पाटमदेई से भिक्षा माँगने जाते हैं, और अंततः अपनी पत्नी और राज्य का त्याग कर गुरु सेवा में लीन हो जाते हैं.

  • गरीब असहाय बच्चों, वृद्धों व महिलाओं की सेवार्थ बालआश्रम, वृद्धाश्रम व महिला आश्रमों, अनाथ आश्रम का संचालन करना।

  • गरीब विधवा व परित्यक्ता महिलाओं को आत्मा निर्भर बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करना।

  • जाति, लिंग, नस्ल और रंग भैद के बिना मानवता के विकास के लिए कार्य करना।

  • जल पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य करना, वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करवाना।

हमारा गौशाला ब्लॉग

राजा गोपीचन्द भृतहरि ट्रस्ट 2021 से अपनी सेवा कर रहा है !

छोटी सी कहानी

गरीब असहाय बच्चों, वृद्धों व महिलाओं की सेवार्थ बालआश्रम, वृद्धाश्रम व महिला आश्रमों, अनाथ आश्रम का संचालन करना। गरीब विधवा व परित्यक्ता महिलाओं को आत्मा निर्भर बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करना। जाति, लिंग, नस्ल और रंग भैद के बिना मानवता के विकास के लिए कार्य करना। जल पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य करना, वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करवाना ।

  • 21
    सदस्य
  • 2021
    समय
  • 2
    कार्यालय